मुझको भी तो जीने दो

जीवन है कितना सुंदर

मुझको भी तो

जीने दो

माँ की कोख

मुझे भी प्यारी

दुलार पिता

का पाने दो

मैं भी तो

हूँ अंश तुम्हारा

फिर भैया ही

क्यों लगता प्यारा

बेटी हूँ तो

क्या मुझको

अधिकार नही है

जीने का

बेटे बेटी का

भेद अभी भी

बहुत अधिक

है गहराया

भेद मिटा दो

ऎसॆ तुम अधिकार मुझे दो जीने का

अधिकार मुझे दो जीने का