मेरे दिल कही और चल ज़माने SALIM RAZA REWA

मेरे दिल कही और चल !!
ज़माने मे तेरा ठिकना नही !!
वफा तू करेगा मिलेगी जफाये!!
जमाने की ऐसी लगी बद्दुआये!!
नजर तू उठाकर के जी ना सकेगा!!
जुदाई का तू ज़हर पी ना सकेगा!!
मेरे दिल ना इतना मचल !!
रो रो के जा को गवाना नही !!
मेरे दिल ……………’
तुझे तेरे अपने ही छलने लगे है!!
तेरे सारे सपने बिखरने लगे है !!
अरे बेखबर इतना हैरान क्यु है!!
ज़माने से इतना परेशान क्युं है!!
मेरे दिल तू खुद को बदल !!
तडप कर यू दिल को जलाना नही !!
मेरे दिल ……………’
तेरे प्यार ने तुझको धोखा दिया है!!
सुना है कोई उन्का साथी नया है!!
मगर तेरे बिन कसे खुश वो रहेगे!!
तेरी याद आई तो तड्पा करेगे !!
मेरे दिल तू अब तो सम्भल !!
सलीम रज़ा (रीवा)9981728122

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