रात अँधेरी हो रही है

सितारों का दिल रो रहा है
कोई दूर नभ से हो रहा है
चुपचाप चाँद सिमट रहा है
चाँदनी उसकी खो रही है
रात अँधेरी हो रही है

तमस की दीवार खड़ी है
मैं इधर, तू उसपार खड़ी है
वेदना की रात बड़ी है
दूर सांस हरपल हो रही है
रात अँधेरी हो रही है

दर्द मेघ-सा उमड़ रहा है
उर वियोगी का तड़प रहा है
विकल ज्यों घन गरज रहा है
चुभन दामिनी की हो रही है
रात अँधेरी हो रही है

 

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