शपथ प्यार की, भूल न जाना

सुख के साथी, दुःख के साथी
जीवन के उत्थान-पतन के साथी
पथ के हर मोड़ के साथी
कहीं मोड़ पर रूक न जाना
शपथ प्यार की, भूल न जाना

घटायें अम्बर में छायेंगी
रैन दिशा भरमायेगी
ऐसे में प्रीत पुकारेगी
ओ साथी, मेरे रूठ न जाना
शपथ प्यार की, भूल न जाना

मैं दीया, तू मेरी बाती
मैं मिट जाता, तू रह जाती
लौ अद्वैत की जगमगाती
री, चुपके से बुझ न जाना
शपथ प्यार की, भूल न जाना

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