मैं ऐसा न था …………जो तुने मुझे बना दिया

१. मैं ऐसा न था
जो तुने मुझे बना दिया |

२. वाहिद सा , ज़रिया-ए-इज़हार से अनजान
जाने ! कब तूने इश्क करना सिखा दिया |

मैं ऐसा न था ………………….

३. इक रोज ऐसा आया
तुझमें मुझको रब दिखलाया |

४. इक हसीन सा एहसास था ये
बस इसी एहसास में जीता था |

मैं ऐसा न था …………………..

५. एहसास ने ऐसा बहाया
इक अलग इंसान बनाया |

६. दफअतन इक झोंका आया
कम्बखत ने बहुत रुलाया |

मैं ऐसा न था …………………….

७. रब मुझसे रूठ गया
दिल शीशे सा टूट गया |

८. अलग ही मह्साब था उसका
खुली आँखों से था जो रब दिखलाया |

मैं ऐसा न था ……………………

९. ये एहसास है ही कुछ ऐसा
कभी फरह कभी दर्दो-गम जैसा |

१०.बस इसी एहसास में जीता हूँ
रब-रब रटता रहता हूँ |

मैं ऐसा न था ……….जो तूने मुझे बना दिया

2 Comments

  1. Deepankar sethi Deepankar sethi 25/06/2012

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