फूल, ख़ुशी, पैंसिलें

लोग घरों में उगाते हैं
फूल
सिर्फ़ अपनी खुशी के लिए
मैंने बहुधा
इस मनोविज्ञान को ले कर सोचा है
और हर बार चुप हो जाना पड़ा है मुझे
कविता के भीतर चले आते हैं बच्चे
अपनी पैंसिलें ढूँढते हुए
फूल उगते हैं और
देख कर ख़ुश होता हूँ घर में
उन्हें क्या पता

मुझे चुप कर देने के लिए ही
बच्चे खो देते हैं पैंसिलें

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