मैं मिलूंगा तुमसे

इसी जन्म में
मैं तुम से मिलूँगा किसी दिन

डाक में जैसे मिलती है चिट्ठी
हाथों से मिलते हैं दस्ताने
डायरी में मिल जाता है कोई पुराना पता
सड़क पर मिले किसी नोट
और भूलने के बहुत दिन बाद
अचानक याद आए एक फ़ोन नम्बर की तरह मैं तुम से मिलूँगा

पढ़ कर पहले दिन स्कूल से घर लौटे बच्चे की तरह या
सुखांत नाटकों के उपसंहार पर जैसे मिलते हैं बिछुड़े हुए लोग

मुझे भरोसा है
कभी न कभी परिचित किसी हस्तलेख
किसी स्वाद
किसी सुगन्ध
किसी ध्वनि
किसी अर्थ की तरह
अचानक किसी दिन मैं तुम से मिलूँगा।

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