नन्ही सी कली मेरा जीवन …………..बढ़कर नहीं कोई दूजा

नन्ही सी कली मेरा जीवन …………….
१. सबसे पहले माँ ने अपनाया
नौ महीने कोख में सुलवाया |

२. नव जीवन का अंकुर फूटा
माँ की आँखों अश्रु छूटा |

३. नव चेतन स्पर्श का एहसास आया
आप को पिता के हाथो में पाया |

४. माँ का आँचल, पिता का साया
सारा बचपन इसी में समाया |

६. जीवन भर करूँ मैं किनकी पूजा
माँ-बाप से बढकर नहीं कोई दूजा |

3 Comments

  1. Deepankar sethi Deepankar sethi 21/06/2012
  2. yashoda agrawal 22/06/2012

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