गौरैया

ईश्वर के सम्बन्ध में  तो नहीं कह सकता,

पर सहज ही होने लगता है कई बार ऐसा विश्वास

कि सर्वशक्तिमान् है प्रकृति एक अद्वितीय प्रतिभा है उसमें

गौरेया को ही लीजिए

किसी दिन प्रकृति को ख़्याल आया होगा

कि किस तरह बहुत ही हलके आकार के

कुछ ऐसे जीवों की रचना  की जाये लहरा सकें जो वायु में

ज़रूरत पड़ने पर जल में तैर कर बचा सकें अपनी जान

चल सकें ज़मीन पर

जिनमें मनुष्यों के साथ रहने की  अटूट सहनशक्ति हो

और जो मानव-संसार की तमाम बेहूदगियों के बावजूद आदमी से न ऊबें

तब शायद हमारी काव्य-नायिका किया गया होगा गौरैया का निर्माण

उसकी चोंच को ध्यानपूर्वक देखें तो बहुत सी चीज़ें पायेंगे

सबसे पहेली तो यह कि इसी से शुरू होती है चिडि़यों की वर्णमाला

असल में यह चोंच ही चिडि़या का मुँह है

मुँह क्या यह तो निरन्तर उपयोग में आने वाला एक अंग है बहुउद्देशीय

सिवाय रात के  नींद में होती है जब गौरैया

यह हड्डी लगातार सक्रिय रहती है

इसी में छिपा रहता है चिडि़या का सपना

अपने बहुत ही नन्हे, गुलाबी

माँस के लोथड़ों जैसे बच्चों को दाना चुगा कर

उनकी देखरेख करने का हाथों की तरह

इसी चोंच का इस्तेमाल नर-गौरैया प्रेम में अपने प्रतिद्वन्द्वी को

परास्त करने के लिए भी करता है

किस तरह फूल जाते हैं उसके पंख उत्तेजना में

जब कमरे में बिल्ली का आगमन होता है

उसके भीतर जैसे कोई गुब्बारा हो

भर जाती है भय और बेबस क्रोध की हवा

तब चिडि़या पहचान में नहीं आती

उसका आकार छोटा हो जाता है और

और वह किसी ठिगनी

गोल-मटोल, बेबस

भारतीय स्त्री जैसी लगने लगती है

फ़ौरन से भी पूर्व गौरेया आपके अध्ययन-कक्ष में छाँट लेती है

घोसला बनाने की जगह

अपनी उसी चोंच से घास के तिनके लाते हुए बार-बार

अपनी मौजूदगी का अहसास कराती है वह

अगर आपका कोट ग़लती से

एक ही जगह टँगा रह जाये बहुत दिनों तक

तो उसकी जेब में भी अंडे देने की कूव्वत है उसमें

गर्म होती है सब पक्षियों की बीट

उसकी भी है पर शुतुरमुर्ग नहीं

यह गौरैया ही है जो निर्भीकतापूर्वक आपकी खोपड़ी को शौचालय समझ कर

उसका इस्तेमाल करती है अक्सर चेतावनी दिए बगैर

इस अर्थ में भी गौरैया

दूसरी चिडि़यों से भिन्न है

मुझे देखो, मुझे सुनो, मुझे चाहो कहती है वह लगातार

पर आप हैं कि बस उसकी ओर कभी झाँकते ही नहीं

देखो-देखो मुझे वह कहती है देखना चाहें अगर आप उसे

यों ऊपर से सब गौरैयाँ एक-सी दिखलायी पड़ती हैं

कम्युनिस्टों की तरह

पर अगर आप उन्हें ध्यानपूर्वक देखें

तो पायेंगे आप कितनी बड़ी ग़लती पर थे

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