मन की क्या परतीत

मन की क्या परतीत रीत है मन की न्यारी |
मन मातंग बलवान समझ  थोरी  में सारी ||
अंकुश ज्ञान समान  और अंकुश ना  यारो |
छिन में मन उड़जाय सज्जनों बात विचारो ||
संत शरण शरणागति मन की छूटे दौर |
शिवदीन भरोसो संत पर नहीं मंत्र कोई और ||
                                         राम गुण गायरे ||

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