बेटी

बेटी :

था जन्म हुआ जिस दिन उसका
न गीत बजे न शहनाई !
पर आज विदा के अवसर पर
गीतों के संग क्या खूब बजी शहनाई !
है कैसी  यह रीती और क्यों होती यह बेमानी ?
तब खूब बजी शहनाई बेटी जब होती बेगानी !
बेटी जब आये पलना में  तब खूब  बजाओ शहनाई !!
बेटी जब पाए तरुणाई  तब खूब  बजाओ शहनाई  !!
बेटी जब पाए बिदाई तब खूब  बजाओ शहनाई  !!
तब खूब  बजाओ शहनाई  !! तब खूब  बजाओ शहनाई  !!
भोला नाथ शुक्ल

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