दिल में है दर्द, तो गजल करना पडेगा…

अपने शब्दों को थोडा सरल करना पडेगा.

दिल में है दर्द, तो गजल करना पडेगा..

गर बनना है सूरज, चमकने के लिये तो.

दोस्तों अन्दर ही अन्दर, जलना पडेगा..

मन्जिलों तक पहुँचना है तो रस्तों पर.

तन्हा बहोत दूर तक, चलना पडेगा..

बदलाव कोई बडा, लाना है तो ‘श्वेत’.

पहले खुद अपने आप को बदलना पडेगा..

वरिष्ठ जनों का हार, बनाने के लिये माली को.

कुछ मासूम फूलों को, मसलना पडेगा…

5 Comments

  1. Yashoda Agrawal 06/06/2012
  2. Yashwant Mathur 09/06/2012
  3. Dimrisp10 09/06/2012
  4. sangeeta swarup 09/06/2012
  5. Director MHA 09/06/2012

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