झीना सा पर्दा

खूबसूरत

गुलाबी चेहरा

नागिन से लहराते

बाल

झील सी गहरी

नीली आँखें

रस भरे पतले होठ

मचल करहवा में

उड़ता हुआ दुपट्टा

तितली जैसे

रंग बिरंगे परिधान में

परी लग रही थी

शिकारी से बेखबर

हिरनी की

मदमाती चाल से

चली आ रही थी

चाहते हुए भी उसे

छू नहीं सका

ख्वाब और हकीकत

के बीच

एक झीना सा पर्दा था

उधर वो थी ,इधर में था

ये हकीकत नहीं

रोज़ दिखने वाले

ख्वाब का हिस्सा था

05-06-2012

563-13-06-12

2 Comments

  1. Yashoda Agrawal 06/06/2012
  2. Okedia 09/06/2012

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