जय-जय-जय भारत प्यारा

खुशियों का यह देश है अपना,बढ़ता जाए रातों- दिन
ईद-दीवाली-क्रिशमश-लोहड़ी,हर दिन है खुशियों का दिन

भारत जैसा देश न दूजा,सब देशों से है न्यारा
हिन्दू-मुशलिम-सिख-ईसाई,बना रहे भाई चारा

देश प्रेम की भावना रखते, मंगल एकता जय कारा
संस्कारों का देश है अपना, जय-जय-जय भारत प्यारा

हिन्दुस्तां मेरा स्वर्ग धरा पर,वीरों का भारत सारा
नभ को चूमे पर्वत चोटी,बढ़ता जाए शिशिर पारा

मेघ दूत जब आज्ञा देते,बादल भर लाएँ जल खारा
हिमालय की गोद से बहती,शुद्ध जल गुणी-गंगा धारा

देश-द्रोही बने दुश्मन कोई,गिरफ्त में लें दुष्टों को मारा
डटा जो रक्षक सीमा परबल,भारत माँ की आँख का तारा

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