हे दयालु ! ले शरण में

हे दयालू ! ले शरण में, मोहे क्यो बिसार्‌यो  ।
जुठे बेर सबरी के, पाय काज सार्‌यो ।। हे दयालू …
द्रोपदी की रखि लाज, कोरव दल गयो भाज।
पांडवों की कर सहाय, अरजुन को उबार्‌यो ।।हे…
रक्षक हो भक्तन का, किया संग संतन का ।
तारन हेतु मुझको, तुम संत रूप धार्‌यो ।। हे…
नरसी का भरा भात, विप्रन के श्रीकृष्ण नाथ ।
दुष्टन को गर्व गार, रावण को मार्‌यो ।।हे दयालू ..
शिवदीन हाथ जोडे, दुनियां से मुख: मोडे ।
ध्रुव को ध्रुव लोक अमर, भक्त जानि तार्‌यो  ।। हे…

 

 

2 Comments

  1. Kailash Pareek Khandela Kailash Pareek 07/06/2012
    • Guest 08/06/2012

Leave a Reply