पढलो रे – पढलो रे

मुखड़ा: पढलो रे – पढलो रे – पढलो, रोज दो चार अक्षर ही पढलो
ज्ञान पाना बहुत ही जरुरी, पढके हो जाएं हसरतें पूरी

अन्तरा: तरक्की मिले झोली भरके, कोई उलझन न होगी जीवन भर
हैं दिल की तमन्ना वो जितनी, पूरी होंगी लग्न से ये पढ़कर
यारों पढने के संग-संग खेलो, स्फूर्ति मिलेगी फ्री में
पढलो रे – पढलो रे – पढलो, रोज दो चार अक्षर ही पढलो

अन्तरा : पास रखनी पड़ेगी घडी भी, फिर देरी न होगी कभी भी
टाइम-टेबल को अपने संभालो , समय घर के लिए भी निकालो
मम्मी-पापा की सेवा जरुरी, सोची होंगी मुरादें भी पूरी
पढलो रे – पढलो रे – पढलो, रोज दो चार अक्षर ही पढलो

अन्तरा : है पढना सुबह का जरुरी, ताजा हवा में योगा भी करलो
आप तंदरुस्त रहेंगे हमेशा,कोई रोग न आए निकट भी
दिन गुजरेगा सारा ही बढ़िया, खाने पीने की इच्छा भी होगी
पढलो रे – पढलो रे – पढलो, रोज दो चार अक्षर ही पढलो

अन्तरा : नशे बाजी से दूर रहो जी, जुआ – जारी से दूर हटो जी
समय अपना ना ऐसे गवाओ, सीधा पढने में ध्यान लगाओ
तुम्हें नौकरी मिलेगी सही सी, दूर भागेगी विकट गरीबी
पढलो रे – पढलो रे – पढलो, रोज दो चार अक्षर ही पढलो

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