बिल्ली परिचय

मै हूँ सी. ए. टी केट
केट मीन्स बिल्ली
बिल्ली बोले म्याऊ – २

सोच विचार के मन बनाऊं
सोचूँ , कंहा जाऊं – २
इधर जाऊं या उधर जाऊं

मै , किसे बताऊँ – २
कंही बुरी न बन जाऊं
चल बच्चों से तो कह जाऊं

मै बस ऐसी बन जाऊं
जो किसी पर रुक न पाऊँ
मै फुर्ती से फुर हो जाऊं

सबके घर टक – टकी लगाऊं
मौका देख घर में घुस जाऊं
हाँ बार – बार मै सजती जाऊं

चुपके से मै राह बनाऊं
चूहा देख अति खुश हो जाऊं
मै अभी न बोलूँ म्याऊँ – २

शिकार देख मै छुपती जाऊं
कूद शिकार पर झपट लगाऊं
मार शिकार मै भोजन लाऊं

आप खाऊँ बच्चों खिलाओं
दूजे को घुरकी दिखलाऊँ
बचे खुचे को मै दुबकाऊँ

मुझे जो घूरे, बुरा मै उसे बताऊँ
तुरंत उसे दस गाली सुनाऊँ
मजे से बोलूँ म्याऊँ – २

मै दूध पर मौका लगाऊं
आहट को मै सुनती जाऊं
ठन्डे दूध को झट पी जाऊं

दूध गर्म पर नाक चढाऊँ
कोशिश करूं पर पी न पाऊँ
बर्तन को मै तोड़ के जाऊं

डंडा देख छलांग लगाऊँ
फुदक-फुदकती खबर ले आऊँ
मै रुक थक बोलूँ म्याऊँ – २

गुस्से से मै चिड्ती जाऊं
आहट से मै बड़ी घबराऊँ
मौका फुर्ती से दुडकी लगाऊं

अपने बिल्ले को हूक दिखाऊँ
दूजे बिल्ले को दोस्त बनाऊं
मै जोर – जोर से हंसती जाऊं

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