हम बच्चे प्रात:उठ जाते

हम बच्चे प्रात:उठ जाते

ठण्डे पानी से, खूब नहाते,

नहा-धो नित ताजा हो जाते

घडियाली देख वर्दी पहनते,

स्कूल नियम-पालन से जाते

नास्ता भी झट से खाते ,

हम सबसे बोलें आते जाते

चले-चले-चले, हम चले नमस्ते,

करें नमस्ते , उठाएं बसते

हम चलते हैं स्कूल के रस्ते,

पढने से न हम घबराते

हंसी ख़ुशी पढने को जाते,

गुरु हमारे- हमें हंसते

नई-नई बातें सिखलाते,

रोज गुरु नया पाठ पढ़ते

उसी पाठ को हम दोहराते,

पढने में आनंद आ जाता

कवि सार जब गुरु समझाते,

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  1. admin hindi sahitya 28/05/2012

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