आज हर इन्सान यहाँ, लाश बन गया है क्यों ???

आज हर इन्सान यहाँ, लाश बन गया है क्यों ?

रिश्तों की जगह पैसा, एहसास बन गया है क्यों ??

तेज रफ्तारों ने यहाँ, छीनी है कई जिन्दगियाँ.

कारों में चलने वाला, यमराज बन गया है क्यों ??

सत्यमेव-जयते, सूक्त वक्य है जहाँ का.

झूठ वहाँ का गीता-कुरान बन गया है क्यों ??

जितना बडा नेता, उतना ही बडा चोर.

हर लुटेरा इस देश का, निगेहबान बन गया है क्यों ??

2 Comments

  1. Yashoda Agrawal 24/05/2012
  2. Madhuresh 27/05/2012

Leave a Reply