सरकै अंग अँग अथै गति सी मिसि की रिसकी सिसिकी भरती

सरकै अंग अँग अथै गति सी मिसि की रिसकी सिसिकी भरती ।
करि हूँ हूँ हहा हमसों हरिसों कै कका की सों मो करको धरती ।
मुख नाक सिकोरि सिकोरति भौँहनि तोष तबै चित को हरती ।
चुरिया पहिरावत पेखिये लाल तौ बाल निहाल हमै करती ।

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