लटकी लरक पर भौँह की फरक पर

टकी लरक पर भौँह की फरक पर ,
नैन की ढरक पर भरि भरि ढारिए ।
हीरे के से अमल कपोल विँहसन पर
छाती उसरन पर निसँक पसारिए ।
गहरौही गति पर गहरौही नाभि पर ,
हौँ ना हटिकति प्यारे नैसुक निहारिए ।
एक प्रान प्यारीजू की कटि लचकीली पर ,
ढीली ढीली नजर संभारे लाल डारिए ।

Leave a Reply