मां

मां सिर्फ़ शब्द नहीं

पूरी दुनिया पूरा संसार है मां

अंतरिक्ष के इस पार से

उस पार तक का अंतहीन विस्तार है मां।

मां सिर्फ़ शब्द नहीं——————–।

शिशु की हर तकलीफ़ों को रोके

ऐसी इक दीवार है मां

शब्दकोश में नहीं मिलेगा

वो कोमल अहसास है मां।

 मां सिर्फ़ शब्द नहीं——————-।

स्रिजनकर्ता सबकी है मां

प्रक्रिति का अनोखा उपहार है मां

ममता दया की प्रतिमूर्ति

ब्रह्म भी और नाद भी है मां।

मां सिर्फ़ शब्द नहीं———————।

स्वर लहरी की झंकार है मां

लहरों में भी प्रवाह है मां

बंशी की धुन है तो

रणचण्डी का अवतार भी है मां।

मां सिर्फ़ शब्द नहीं———————।

मां सिर्फ़ शब्द नहीं

पूरी दुनिया पूरा संसार है मां।

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पूनम

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