बैठ्यो अँगना मे पिय आय परदेसन सोँ

बैठ्यो अँगना मे पिय आय परदेसन सोँ ,
ऊपर फुहारे नभ छिरकि छिरकि जात ।
इत नैन पीतम के ऊपर भ्रमत उठि ,
उत पट खुलि खुलि भरकि भरकि जात ।
पिय के बिलोकिबे को खिरकीन खिरकीन ,
फिरकी सरी सी तिय थिरकि थिरकि जात ।
इत उत चोरा चोरी झाँकन मे ताकै ,
हिय हारन के मोती मँजु छिरकि छिरकि जात ।

Leave a Reply