दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिये

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिये
बस एक बार मेरा कहा, मान लीजिये

इस अंजुमन में आपको आना है बार बार
दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिये

माना के दोस्तों को नहीं दोस्ती का नाज़
लेकिन ये क्या के गैर का अहसान लीजिये

कहिये तो आसमान को ज़मीन पर उतार लाएं
मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिये

Leave a Reply