दाजन दै दुर जीवन कौँ अरु लाजनि दै सजनी कुल वारे

दाजन दै दुर जीवन कौँ अरु लाजनि दै सजनी कुल वारे ।
साजन दै मन को नव नेम निवाजन दै मनमोहन प्यारे ।
गाजन दै ननदीन गुलाब बिराजन दै उर मे गुन भारे ।
भाजन दै गुरु लोगन कौ पुर बाजन दै अब नेह नगारे ।

Leave a Reply