दाख पकी तब चोँचौ पकी जब बीन बज्यो बहिरो भयो कानो

दाख पकी तब चोँचौ पकी जब बीन बज्यो बहिरो भयो कानो ।
मेनका आय मिली तबहीँ जब देह ते कामहु दूरि परानो ।
जैसोई चाहत तैसो करै जग जाहिर है बिधि को यह बानो ।
पारसा पायो परयो जो कहूँ तो जहान ते लोह को लेस हिरानो ।

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