तीनिहुँ लोग नचात फूँक मेँ मंत्र के सूत अभूत गती है

तीनिहुँ लोग नचात फूँक मेँ मंत्र के सूत अभूत गती है ।
आप सदा गुनवन्ति गुसाइन पाँयन पूजत प्रानपती है ।
पैनी चितौनि चलावति चेटक को न कियो बस जोग जती है ।
कामरु कामिनि काम कला जग मोहिनि भामिनि भानमती है ।

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