घोँघन मे बसिके न मिलै रस जे मुकतान पे चोँच चलैया

घोँघन मे बसिके न मिलै रस जे मुकतान पे चोँच चलैया ।
मालती की लतिका तजि कै केहि काम करील की कोटि कनैया ।
श्री महराज सरोवर हौ हम हंस हमेस यहाँ के बसैया ।
कोटिन काल कराल परै पै मराल न ताकिहैँ तुच्छ तलैया ।

Leave a Reply