गौन कियो जब गौने की रैनि अली मिलि केलिनि लै ही चली है

गौन कियो जब गौने की रैनि अली मिलि केलिनि लै ही चली है ।
श्रीवृषभान ललीहि अली लै चलीँ लखि कान करी न भली है ।
सेज पै पेखि परी सी परी ज्योँ परी ही मिलीँ नलिनी की कली है ।
भैया की सौँ निरदैया बड़ो यह दैया मृनाल सी कैसी मली है ।

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