कोमल अमल दल कमल नवल कैँधौँ

कोमल अमल दल कमल नवल कैँधौँ ,
कीन्होँ है विरँचि सब छवि को सहेट है ।
उदित प्रभाकर की दुति आनि छाई कैधौँ ,
चमकत चारु खात लोचन रपेट है ।
सुँदर थली है भली मदन बिराजिबे की ,
जाके सम कीन्हेँ होत उपमा तरेट है ।
चीकनो परम मखमल ते नरम ऎसो ,
प्यारीजू को पेट लेत मन को लपेट है ।

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