संगमर-मर की ना तरीफ किया कर मुझसे | [क़ता]

संगमर-मर की न  तरीफ   किया   कर मुझसे  ।

आंसुओ से जो मै अह्कामे मुहम्मद लिख दूं ।

चूमने के  लिये झुक जायेगा ये ताज-महल ।

टूते पत्थर पे अगर नामे मुहम्मद लिख दूं ।

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