अब दोय घरी दिन शेष रह्यो पथ जात गुलाब सु ठीक नहीँ

अब दोय घरी दिन शेष रह्यो पथ जात गुलाब सु ठीक नहीँ ।
नजदीक न ग्राम उजार महा मग लूटत लोग अथै दिन हीँ ।
इहि ठाँ बहु धाम सरै सब काम तमाम मिलै वर वस्तु सही ।
तुम जाहु न जाहु करौ जु रुचै सुदया धरि मैँ हित बात कही ।

Leave a Reply