कई बार मैंने अपने दिल से कहा

कई बार मैंने अपने दिल से कहा
फ़रेब और उम्मीद
उम्मीद और इन्तज़ार
इन्तज़ार और हवस
हवस और दर्द एक दूसरे को
आरे की तरह काटते हैं
उनसे किसी भी तजुर्बेकार को दूर रहना चाहिए

दिल ने मेरी हाँ में हाँ मिलाई
लेकिन चला उसी रास्ते पर
जहाँ उसने जाना चाहा

दिल ने खाई ठोकरें
मेरे हाथों में आए तजुर्बे
लेकिन तजुर्बों के चिराग़ से
ज़िन्दगी रौशन न हुई।

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