दुनिया की अंगूठी के नगीने मे डाल दे

दुनिया  की  अंगूठी के नगीने मे डाल दे
मुझको बना के खाक मदीने में डाल दे
                  मुश्को गुलाब की तो मुझे आरज़ू नहीं
                  उनका पसीना मेरे दफीने में डाल दे
तूफां ही तेरी कस्ती किनारे पे लाएगा
लिख कर नबी का नाम सफीने में डाल दे
                 उस पर चलूँ जो तेरे नबी का है रास्ता
                ऐसा सलीका तू मेरे जीने में डाल दे
हसरत है मेरी नाते नबी कहता मैं रहूँ
ऐसा कमाल तू मेरे सीने में डाल दे

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