सहरा भी गुलज़ार भी तो हैं

सहरा भी गुलज़ार भी तो हैं
साथ गुलों के ख़ार भी तो हैं.

मन को मोहे मस्ती, रौनक
संग उनके आज़ार भी तो हैं.

क्यों लगती है दुनिया दुशमन
दोस्त कई दिलदार भी तो हैं.

कश्ती साहिल पर आ ठहरी
तूफ़ाँ के आसार भी तो हैं.

ख़ुशियों की न कमी है देवी
चिंता के अंबार भी तो हैं.

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