कुछ भी बन बस कायर मत बन

कुछ भी बन बस कायर मत बन ।

ठोकर मार पटक मत माथा
तेरी राह रोकते पाहन
कुछ भी बन बस कायर मत बन ।

तेरी रक्षा का न मोल है
पर तेरा मानव अनमोल है
यह मिटता है वह बनता है
अर्पण कर सर्वस्व मनुज को
कर न दुष्ट को आत्म समर्पण
कुछ भी बन बस कायर मत बन ।

6 Comments

  1. Dhruv 27/06/2012
  2. Aprajita Ranjan 22/06/2014
    • Madhuri Mishra 12/08/2016
  3. Anoop Shukla 05/08/2014
  4. syed moeenuddin 30/07/2015
  5. Mayank 05/02/2016

Leave a Reply