दोस्ती हमारी:-विजय

जिंदगी में सफर न कोई ऐसा हो
जब साथ न मुझको तेरा हो
मन्नते मांगू खुदा से बस इतनी
हर किसी का दोस्त,मेरे दोस्त जैसा हो

तूफाने आई जिंदगी में चाहे जितने
चाहे दुनिया ने जितना दुत्कारा हो
डिगा न पाए तनिक कोई पथ से
ऐसा अटूट बंधन हमारा हो

मुकद्दर में अपने खुशियां न सही
पर अपनी दोस्ती मुकम्मल हो
डरे हमसे अंधेरों के भी बाशिन्दे
दिल में चिंगारी विस्वास की ऐसी हो

भले जिंदगी की उमर छोटी हो
बाधाओं के पहाड़ ऊँची हो
कर लेंगे फ़तेह हम दुनिया को
जब दोस्त तुम्हारे जैसा हो

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 15/04/2019
    • vijaykr811 vijaykr811 17/04/2019
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 15/04/2019
    • vijaykr811 vijaykr811 17/04/2019

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