मेरे दिल में ज़रा झांको- शिशिर मधुकर (बिना रदीफ की गज़ल )

तुझे पाने की हसरत से टूटता है नहीं नाता
भुलाना प्रेम को अपने मुझे देखो नहीं आता

मुकद्दर ने मेरे संग हर समय बस खेल है खेला
मेरे दिल में जो बसता है उसी को मैं नहीं पाता

मेरे दिल में ज़रा झांको कई दुख के समुन्दर हैं
मगर मैं गीत अपनी पीर के फिर भी नहीं गाता

तुम्हें चाहूंगा अंतिम सांस तक वादा किया मैंने
झूठी कसमें मुहब्बत में कभी भी मैं नहीं खाता

अगर मालूम होता तुम भी मेरा साथ छोडोगे
अपने मन में कभी मधुकर तेरी सूरत ना बसाता

शिशिर मधुकर

7 Comments

  1. vijaykr811 vijaykr811 28/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/03/2019
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 29/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/03/2019
      • C.M. Sharma C.M. Sharma 30/03/2019
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/04/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/04/2019

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