जादू भरे अल्फाज – शिशिर मधुकर

काश तुम मुझको पा जाते और मैं तुमको पा जाती
खुशी चाहे कोई भी हो चल ले खुद अपने घर आती

अधूरी हूँ तुम्हारे बिन तुम्हें समझाऊं अब कैसे
सहारे बिन ना दीपक के जलेगी देर तक बाती

तेरे जादू भरे अल्फाज मुझको जां से प्यारे है
मैंने अब तक संजो रक्खी है तेरे प्रेम की पाती

मुझे तेराअसर कुछ इस तरह महसूस होता है
बिना तेरे मेरी धड़कन कोई भी गीत ना गाती

मेरे स्नेह का बादल भटकता रहता है अब भी
वो सारा प्रेम मधुकर मैं फ़कत तुझ पे ही बरसाती

शिशिर मधुकर

4 Comments

  1. vijaykr811 vijaykr811 24/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/03/2019
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 27/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/03/2019

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