एक भूली याद-Bhawana kumari

कुछ भूली बिसरी यादों को चलो फ़िर से ताज़ा कर लें
चलो आज फ़िर से मिल कर बागो में झूला झूल लें
अपने बचपन को आज फ़िर से मिल कर जी लें ,
पता नहीं कल फ़िर तुम से मिल पायेगे की नहीं,
आज तो हम मिल सारे जहान की खुशियाँ समेट लें ।
भावना कुमारी

6 Comments

  1. vijaykr811 vijaykr811 19/03/2019
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/03/2019
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/03/2019
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/03/2019
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/03/2019
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/03/2019

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