लौ लगी कृष्णा तेरी मन में…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)…

लौ लगी कृष्णा तेरी मन में…
सृष्टि दैदीप्य लगे कण कण में…

मन पथिक हर राह निहारे…
कान्हा आएंगे कौन से द्वारे…
आँख न मीचे मन व्याकुल ये…
अब आएंगे प्राण प्यारे….
देखूं आतुर हर इक जन में….
देखूं आतुर हर इक जन में….
लौ लगी कृष्णा तेरी मन में

कारी बदरिया घिर है आयी…
उम्र गगरिया भी भर आयी…
नैनाँ पुकारें सांसें निहारें…
कब आओगे प्रीतम प्यारे…
डूबी जाऊं मैं हर क्षण में….
डूबी जाऊं मैं हर क्षण में….
लौ लगी कृष्णा तेरी मन में

‘चन्दर’ जग न भाये मन को….
न चाहे अब ये इस तन को….
चाह इसे रम जाऊं तुझ में…
तेरी लौ हूँ थम जाऊं तुझ में…
संग तेरे विचरूँ कण कण में…
संग तेरे विचरूँ कण कण में…

लौ लगी कृष्णा तेरी मन में….
सृष्टि दैदीप्य लगे कण कण में…

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/सी.एम्.शर्मा (बब्बू)

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2019
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 22/03/2019
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/03/2019
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 22/03/2019
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/03/2019
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 22/03/2019
  4. vijaykr811 vijaykr811 19/03/2019
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 22/03/2019
      • vijaykr811 vijaykr811 22/03/2019
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 27/03/2019

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