फन – शिशिर मधुकर

वो तेरे प्यार की खुशबू बसी है आज भी तन में
तुझे पाने की चाहत उठ रही है आज भी मन में

अगर तू साथ है तो हर तरफ़ खुशियों का मेला है
मयूरा नाचता है मस्त हो कर इस घने वन में

कभी सब कुछ लुटा डाला कभी सब कुछ हटा डाला
इक फ़कत तू ही तो माहिर हुआ है इस बड़े फन में

एक फ़कत प्यार ने तेरे मेरे सर को झुका डाला
वरना मुझको खरीदे है कहाँ ताकत किसी धन में

उमड़ कर आसमां में आ के वो खुशियाँ तो देता है
मगर अब क्या करें मधुकर अगर पानी नहीं घन में

शिशिर मधुकर

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 19/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2019
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2019

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