फागुन की फगुनाहट — Bhawana Kumari

फागुन में जब फगुनाहट की हवा चलती है,
तब जीजा जी को शाली की याद आती है ।
बेचारे जीजा जी क्या करे जब बीबी और शाली,
दोनो ही उस पर भारी पड़ जाती है ।

जब एक गाल पर शाली और दूसरे पर बीबी गुलाल लगाती है ,
तो बेचारे जीजा जी बहुत ही असमंजस में पड़ जाते है ।
कि किस गाल के गुलाल को वो पहले हटाये,
शाली के लगाएं गुलाल को पहले हटायें तो शाली रूठ जाती है,
बीबी के लगाएं गुलाल को पहले हटायें तो बीबी रूठ कर मायके चली जाती है ।
भावना कुमारी

6 Comments

  1. Himanshu pal 16/03/2019
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/03/2019
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 18/03/2019
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/03/2019
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 18/03/2019
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/03/2019

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