कोई फिर याद करता है – शिशिर मधुकर

दर्द सीने में उठता है कोई फिर याद करता है
छवि मन में लिए बस यार की आहें सी भरता है

भले तू पास आकर के कभी मुँह से नहीं बोले
मुहब्बत का हसीं जज्बा तेरी आँखों से झरता है

बड़ी जिद से भरी फितरत खुदा ने बख्शी है इसको
कभी भी मारने से प्यार दिल में थोड़ी मरता है

किसी ने प्यार के तुझको कभी काबिल नहीं समझा
बिठाया मैंने पलकों पे तो अब खोने से डरता है

प्रेम के नूर की क्या पूछते ही तुम यहाँ मधुकर
दिशाओं में दसों सदियों से ये यूँ ही बिखरता है

शिशिर मधुकर

6 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 15/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/03/2019
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 15/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/03/2019
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 16/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/03/2019

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