पिता(तात)

जन्म की खबर सुनकर जिसके l
चेहरे पर चमक आ जाती है  ll
देख के अपने लाल का चेहरा l
खुशियाँ फूली नहीं समाती है ll
वो तुम ही हो तात……….

खुद की इच्छा दफनाकर जिसने l
हमारी हर इच्छा को पूर्ण किया ll
हर छोटी मुस्कान की खातिर l
अपना सब सुख छोड़ दिया ll
वो तुम ही हो तात……….

कंधों पर हमें बिठाकर जिसने l
हमें चहुँ ओर खूब घुमाया है ll
पकड़कर ऊँगली अपने हाथ में l
हर मुश्किलों से हमें बचाया है ll
वो तुम ही हो तात……….

बना ढ़ाल हाथ रख सिर पर l
हमारी हिम्मत जिसने बड़ाई है ll
दिया सहारा हमारे कदमो को l
हमारी नईया पार लगाई है ll
वो तुम ही हो तात……….

हिम्मत है वो शक्ति है हमारी l
परिवार को उसने संभाला है ll
दुःख को अपने छुपाकर जिसने l
बड़े प्यार से हमको पाला है ll
वो तुम ही हो तात……….

जिसने दी हमें छाँव हमेशा l
स्वयं को धूप में जलाया है ll
है तो वो कोई एक फरिश्ता l
जो पिता के रूप में आया है ll
वो तुम ही हो तात……….

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4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/03/2019
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 13/03/2019
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 13/03/2019
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 14/03/2019

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