बचा दर्द-ए-कफ़न है और मैं हूँ…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)…

महब्बत की अगन है और मैं हूँ….
न मिटता ये दहन है और मैं हूँ….

न पूछो हाल दिल मेरा फ़रिश्तो….
बचा दर्द-ए-कफ़न है और मैं हूँ….

नहीं अपना कहीं कोई जहां में…
अलग सब का चलन है और मैं हूँ….

रहो तुम अपने दिल के आशियाँ में….
मुझे फुरकत सहन है और मैं हूँ….

अदावत हुस्न की तो पूछना मत….
कभी सांसें हवन हैं और मैं हूँ…..

खिलाफत थी जिसे हमसे कहे अब….
न तुम बिन यह चमन है और मैं हूँ…..

करो कोई इलाज-ए-दिल कि ‘चन्दर’….
फुगाँ-आहो दफ़न है और मैं हूँ….
\
/सी.एम्.शर्मा (बब्बू)

13 Comments

  1. Mahendra Gupta 12/03/2019
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 14/03/2019
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/03/2019
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 14/03/2019
  3. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 12/03/2019
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 14/03/2019
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 13/03/2019
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 14/03/2019
      • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 14/03/2019
        • C.M. Sharma C.M. Sharma 14/03/2019
          • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 14/03/2019
          • C.M. Sharma C.M. Sharma 15/03/2019
          • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 15/03/2019

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