जय माँ सरस्वती Bhawana kumari

हे माँ सरस्वती,
मेरे जीवन से अन्धकार हटाकर ,
मुझे ज्ञान का भंडार दे ।

करती हूँ मैं तेरी पूजा अर्चना,
मेरी लेखनी को और निखारा दे।
लिख सँकू मैं भी एक कविता,
तेरे नाम की हे माँ शारदे ।
मुझको तू शब्दों का भंडार दे ।

तू तो है हंसवाहिनी,ज्ञानदायनी
मेरा जीवन भी संवार दे ।
मेरे कण्ठ को ये वरदान दे ,
गा सँकू तेरे नाम की एक गीत ,
मुझे सुर ताल का ज्ञान दे ।

मेरी कलम को शक्ति दे माँ,
कभी ना भटके ये अपने पथ से
निरंतर ये चलती रहे अपने पथ पर,
लिख सके ये गलत के प्रति,
बस मुझको इतना वरदान दे,

हे माँ सरस्वती,
मेरे जीवन से अन्धकार हटाकर
मुझे ज्ञान का भंडार दे ।
भावना कुमारी

3 Comments

  1. deveshdixit Devesh Dixit 21/02/2019
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/03/2019
  2. deveshdixit Devesh Dixit 21/02/2019

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