शत शत नमन-Bhawana kumari

नमन है उन वीर जवानों को,
जो निकले थे घर से कभी,
देश की रक्षा के खातिर,
लौट कर घर ना आने को ।

क्यों चुप बैठी है अब सरकार,
क्योंं बांधे रखा है वीर जवानों के हाथो को,
एक आदेश अब उन्हें भी दे दो,
मत जकडो उनके हाथो को।

एक बार उन्हें भी ईंट का जवाब पत्थर से देने दो,
जब तिरंगे में लिपटा लाश उनके घर जाता है,
तुम कहते हो व्यर्थ ना जाने देगे उनके बलिदानो को।

अब तो तुम आंखें खोलो छोडो
दोस्ती,समझौते की बाते करना,
दे दो एक आदेश वीर जवानों को,
सत्य,अहिंसा की बाते उन्हें समझ ना आयेगी,
हमे भी एक जवान की जगह उनकी सौ लाश बिछाने दो ।

भावना कुमारी

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