प्रतिशोध :- विजय

कब तक पठानकोट,कब तक उरी
कब तक सहेंगे पुलवामा
अब तो जागो हे पुरूषोत्तम
करो आतंकरूपी रावण का खात्मा

भाता नही अब छोटी सर्जरी
न भाता अब कोई वार्ता
नाम पाकिस्तान का इस धरती से
अब बस तुम करो खात्मा

गुणगान पाकिस्तान का करनेवाले
घर में बैठे सपोलों को
फन उनका पहले कुचलो
हर देशप्रेमी की यही कामना

जंग लगते बंदूको को
जंग में हल्ला मचाने को
दो सेना को खुली इज़ाज़त
हर देशप्रेमी की यही भावना

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