शत्रु – मधु तिवारी

🌹 *शत्रु या अरि* 🌹
…..मधु तिवारी

अरिमर्दन की बड़ी कला है।
नाम लेत ही टली बला है।
वह जो मेरे रामलला है।
वह जो मेरे राम लला है।

खर दूषण थे मुसीबत भारी।
मारा उनको बने खरारी।
सबका ही दुख तभी टला है।
वह जो मेरे राम लला है

त्राण ताड़का त्राहिमाम था।
आतंकी मे एक नाम था।
त्राण अंत जो बाण चला है।
वह जो मेरे राम लला है।

देव ऋषि मुनी किन्नर बंदर।
सब का काल बना दसकंधर।
धड़-विलग किया दसों गला है।
वह जो मेरे रामलला है।
✍🏻 श्रीमती मधु तिवारी, कपसदा, दुर्ग, छत्तीसगढ़।
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